द फॉलोअप डेस्क
बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रामनगर में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का एक बाघ भटकते हुए रिहायशी इलाके में आ गया है। इससे वहां दहशत का माहौल बन गया है। मिली जानकारी के अनुसार, बाघ जंगल से करीब 8 किलोमीटर दूर एक गांव में दाखिल हो चुका है। रविवार सुबह नगर के वैकुंठपुर इलाके में टाईगर को देखा गया। इसके बाद से गांव में भी बाघ के पैरों के निशान पाए गए हैं। इस कारण पूरे इलाके में डर का माहौल उत्पन्न हो गया है। हालांकि, ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दे दी है।
खेती-बाड़ी का काम हो रहा प्रभावित
बता दें कि जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम बाघ की तलाश के लिए पैरों के निशान के आधार पर काम कर रही है। इसे लेकर वन विभाग के अधिकारी मुकेश राम ने बताया कि 2 टीमों को बाघ की तलाश में लगाया गया है। इस बीच बाघ के शहर के नजदीक पहुंचने की वजह से लोगों में दहशत फैल गई है। इस दौरान बैकुंठपुर के लोग खासकर बाघ के डर से खेतों में जाने से हिचकिचा रहे हैं। इस कारण खेती-बाड़ी का काम प्रभावित हो रहा है।
इस दौरान अधिकारियों ने यह भी अनुमान लगाया है कि बाघ रघिया वन क्षेत्र से होकर मसान नदी के रास्ते तक आ सकता है।इस मामले पर ग्रामीणों ने बताया कि बाघ पिछले 3 दिनों से इलाके में घूम रहा है। उसके डर से किसानों में खेतों में जाने की हिम्मत नहीं हो रही है। साथ ही वन विभाग की टीम खेत में छिपे बाघ की तलाश कर रही है। हालांकि, अब तक बाघ के बारे में कोई अन्य महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिल सकी है।
